आज के व्रत-नियम — 24 जुलाई 2026: शुक्रवार का संतोषी माता-देवी व्रत
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आज 24 जुलाई 2026, शुक्रवार है, और पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। शुक्रवार का दिन परंपरागत रूप से देवी शक्ति और संतोषी माता की आराधना का दिन माना जाता है।
शुक्रवार व्रत की परंपरा
परंपरा में शुक्रवार को संतोषी माता और आदि शक्ति देवी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। कई घरों में यह व्रत सुख-शांति और परिवार में संतोष बनाए रखने की कामना से रखा जाता है।
सरल पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- देवी प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाएँ, जल व फूल अर्पित करें।
- गुड़-चना का भोग अर्पित करना परंपरा में शुभ माना जाता है।
- संतोषी माता की कथा या देवी स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ/श्रवण करें।
- संध्या समय आरती कर, प्रसाद परिवार में बाँटें।
क्या खाएं
- फलाहार, गुड़-चना, सात्विक और सादा भोजन।
क्या न खाएं (परंपरा में वर्जित)
- खट्टी वस्तुएँ (नींबू, इमली, दही जैसी खट्टी चीज़ें) — संतोषी माता व्रत में इन्हें परंपरागत रूप से वर्जित माना जाता है।
- व्रत के दिन क्रोध, वाद-विवाद व निंदा से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
आज की तिथि (दशमी) के अनुसार कोई विशेष तिथि-आधारित व्रत नहीं है। ध्यान रहे, एकादशी तिथि आज प्रातः 09:13 बजे के बाद आरंभ होगी — जो श्रद्धालु एकादशी व्रत रखते हैं, वे सही व्रत-दिन की पुष्टि अपने पुरोहित या स्थानीय पंचांग से अवश्य कर लें।
व्रत व त्योहारों से जुड़े और लेख अन्य लेख में पढ़ें। हमारे मंदिर में शुक्रवार की पूजा व्यवस्था के लिए कार्यक्रम पेज देखें।