आज के व्रत-नियम — 22 जुलाई 2026, बुधवार: गणेश पूजा का दिन
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आज 22 जुलाई 2026, बुधवार है, और तिथि है आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी। बुधवार को परंपरा में भगवान गणेश की पूजा का दिन माना जाता है, विशेष रूप से बुद्धि, विवेक और नई शुरुआत के लिए।
बुधवार का व्रत-नियम
शास्त्रों की परंपरा में बुधवार को गणपति पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन के सामान्य नियम इस प्रकार माने जाते हैं:
- सुबह स्नान के बाद गणेश जी को दूर्वा (दूब घास), मोदक या गुड़ का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जप करने की परंपरा है।
- हरे रंग के वस्त्र और मूंग दाल का सेवन इस दिन शुभ माना जाता है।
- क्रोध और वाणी में कठोरता से बचने की सीख इस दिन विशेष रूप से दी जाती है, क्योंकि बुध ग्रह वाणी और बुद्धि से जुड़ा माना जाता है।
आज की तिथि — नवमी
आज आषाढ़ शुक्ल नवमी है। यह किसी बड़े नामित व्रत (जैसे एकादशी, प्रदोष, पूर्णिमा) की तिथि नहीं है, इसलिए आज विशेष रूप से केवल बुधवार का सामान्य नियम पालन करना पर्याप्त माना जाता है। हालांकि यह दिन आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई 2026) से ठीक सात दिन पहले का है, इसलिए इस सप्ताह घर में सादगी, सत्संग और गुरुजनों के प्रति आदर बढ़ाने की परंपरा मानी जाती है।
क्या करें
- सुबह-शाम दीपक जलाकर सरल पूजा करें।
- घर के बड़ों और शिक्षकों का आशीर्वाद लें।
- सात्विक और हल्का भोजन करें।
क्या न करें
- बुधवार को तामसिक भोजन और तीखी वाणी से बचने की सलाह परंपरा में दी जाती है।
- बिना ज़रूरत बहस या विवाद में न पड़ें।
व्रत-विधि व्यक्ति और परिवार की परंपरा अनुसार भिन्न हो सकती है; अपने कुल-परंपरा या मंदिर के पुजारी से विधि की पुष्टि अवश्य करें। पूजन सामग्री के लिए हमारे स्टोर पर जाएं और आगामी कार्यक्रम देखें।