आज के व्रत-नियम

आज के व्रत-नियम — 21 जुलाई 2026, मंगलवार (आषाढ़ शुक्ल अष्टमी)

कैलाश नाथ द्विवेदी ·

[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]

आज मंगलवार, आषाढ़ शुक्ल अष्टमी (21 जुलाई 2026) है। आज के दिन दो परंपराएं एक साथ जुड़ी हैं — मंगलवार का साप्ताहिक व्रत और अष्टमी तिथि का मासिक व्रत।

मंगलवार — हनुमान जी की उपासना

परंपरा में मंगलवार का दिन हनुमान जी और मंगला-गौरी की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। इस दिन बजरंगबली की आराधना करने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और मंदिर में सिंदूर व चोला अर्पित करते हैं।

पूजा विधि (सामान्य परंपरा)

  • प्रातः स्नान कर लाल वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
  • हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करने की परंपरा है।
  • हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना लाभकारी माना जाता है।
  • गुड़-चने या बूंदी का भोग अर्पित करने की परंपरा है।

अष्टमी तिथि — मासिक दुर्गाष्टमी

प्रत्येक माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी को परंपरा में मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में देवी दुर्गा की उपासना का दिन माना जाता है। आज यह तिथि 21 जुलाई प्रातः से 22 जुलाई प्रातः तक रहेगी।

पारंपरिक नियम

  • जो श्रद्धालु व्रत रखते हैं, वे सात्विक और फलाहार भोजन ग्रहण करने की परंपरा निभाते हैं।
  • देवी को लाल चुनरी, अक्षत और फूल अर्पित करने की परंपरा है।
  • तामसिक भोजन — मांस, मदिरा और प्याज़-लहसुन युक्त भोजन — इस दिन वर्जित माना जाता है।
  • क्रोध और वाद-विवाद से दूर रहकर शांत मन से पूजा करने की सलाह दी जाती है।

ध्यान रहे — आज का दिन विष्टि (भद्रा) करण से भी जुड़ा है (देखें आज का पंचांग), जो अपराह्न तक रहता है; परंपरा में भद्रा काल में नए शुभ कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है।

व्रत व पूजा से जुड़ी किसी भी विशेष विधि के लिए कृपया मंदिर के पुरोहित से परामर्श लें। हमारे मंदिरों की जानकारी के लिए मंदिर पृष्ठ देखें और आगामी उत्सवों के लिए कार्यक्रम पृष्ठ देखें।

इस श्रेणी में और लेख

आज के व्रत-नियम — 26 जुलाई 2026, रविवार: द्वादशी और एकादशी व्रत का पारण → आज के व्रत-नियम — 24 जुलाई 2026: शुक्रवार का संतोषी माता-देवी व्रत → आज के व्रत-नियम — 23 जुलाई 2026, गुरुवार (गुरु/विष्णु वार) →
💬