आज के व्रत-नियम

आज के व्रत-नियम — शुक्रवार, आषाढ़ कृष्ण दशमी व योगिनी एकादशी आरंभ (10 जुलाई 2026)

कैलाश नाथ द्विवेदी ·

[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]

आज 10 जुलाई 2026, शुक्रवार है। आज आषाढ़ कृष्ण दशमी तिथि है और दिन में लगभग 08:16 बजे से कृष्ण एकादशी (योगिनी एकादशी) तिथि आरंभ हो रही है। आइए जानें आज के दिन से जुड़े पारंपरिक व्रत-नियम।

शुक्रवार का व्रत — देवी पूजा

परंपरा में शुक्रवार का दिन देवी शक्ति की आराधना का दिन माना जाता है। कई घरों में इस दिन संतोषी माता का व्रत रखा जाता है, तो कई परिवार दुर्गा या लक्ष्मी माता की पूजा करते हैं।

  • पूजा विधि: स्नान के बाद देवी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं, लाल फूल और मिठाई अर्पित करें, सरल मन से आरती करें।
  • परहेज़: जो लोग संतोषी माता का व्रत रखते हैं, उनमें परंपरा से खट्टी वस्तुओं (नींबू, इमली, दही आदि) से परहेज़ का प्रचलन है।
  • भाव: इस दिन क्रोध और वाद-विवाद से बचने की सलाह परंपरा में दी जाती है, विशेषकर घर की स्त्रियों और बड़ों का सम्मान करने पर बल दिया जाता है।

योगिनी एकादशी — तिथि आधारित व्रत

आज दिन में आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि आरंभ हो रही है, जिसे योगिनी एकादशी कहा जाता है। यह तिथि कल सूर्योदय तक रहती है, इसलिए परिवारों में इसे मनाने के दिन में थोड़ा अंतर देखा जा सकता है — अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित जी की सलाह अनुसार व्रत का दिन तय करें।

  • पूजा विधि: भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाकर तुलसी दल अर्पित करना और विष्णु सहस्रनाम या विष्णु मंत्रों का सरल पाठ करना परंपरा में बताया गया है।
  • क्या परहेज़ माना जाता है: एकादशी के दिन चावल और अनाज से बनी चीज़ों से दूर रहने की परंपरा है। फलाहार, दूध, साबूदाना जैसी वस्तुएं ली जा सकती हैं।
  • क्या अपनाएं: मन को शांत रखना, वाणी में संयम रखना और सेवा-भाव में समय बिताना एकादशी व्रत की मूल भावना मानी जाती है।
  • पारण: व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, शास्त्रोक्त समय देखकर करने की परंपरा है।

ध्यान रखने योग्य बात

व्रत रखना या न रखना, और किस विधि से रखना है — यह हर परिवार की अपनी परंपरा और सामर्थ्य पर निर्भर करता है। बुज़ुर्गों, बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत के नियम शिथिल किए जा सकते हैं, इस बारे में घर के पुरोहित जी से सलाह लेना उचित रहता है।

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