आज के व्रत-नियम — 5 जुलाई 2026, रविवार (सूर्य व्रत)
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आज रविवार है और पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि है (विस्तार से जानने के लिए आज का पंचांग लेख देखें)। रविवार परंपरा में सूर्य देव की उपासना का दिन माना जाता है।
रविवार सूर्य व्रत — परंपरा और विधि
परंपरा में माना जाता है कि रविवार को सूर्य देव की आराधना से जीवन में ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य बना रहता है। सामान्य विधि इस प्रकार बताई जाती है:
- प्रातः सूर्योदय के समय स्नान करके तांबे के लोटे से जल में लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा लाल चंदन मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।
- अर्घ्य देते समय "ॐ सूर्याय नमः" या "ॐ आदित्याय नमः" मंत्र का जप करना परंपरा में शुभ माना जाता है।
- जो श्रद्धालु व्रत रखते हैं, वे परंपरागत रूप से एक समय भोजन करते हैं और उसमें नमक से परहेज़ करते हैं — यह पूरी तरह व्यक्ति की श्रद्धा और सामर्थ्य पर निर्भर है।
- गुड़, गेहूं, लाल वस्त्र और तांबे के बर्तन का दान इस दिन परंपरा में उत्तम माना गया है।
- क्रोध, झूठ और अपशब्दों से परहेज़ करने की सलाह शास्त्रों में दी गई है, विशेषकर व्रत के दिन।
आज की तिथि के बारे में
आज पंचमी तिथि है, जिसके साथ इस दिन कोई विशेष प्रमुख व्रत (जैसे एकादशी, प्रदोष, पूर्णिमा या अमावस्या) नहीं जुड़ा है। ऐसे में आज मुख्य रूप से रविवार का सूर्य व्रत ही परंपरा में प्रचलित है।
व्रत-नियम श्रद्धा और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं — अपने परिवार या मंदिर के पुरोहित से परामर्श करना सर्वोत्तम रहता है। हमारे मंदिरों में दर्शन और पूजन से जुड़ी जानकारी के लिए वेबसाइट देखें, तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी हेतु नियमित रूप से विज़िट करें। व्रत सामग्री के लिए हमारा स्टोर भी देख सकते हैं।