आज के व्रत-नियम — 1 अगस्त 2026, शनिवार: शनि देव और हनुमान उपासना का दिन
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आज शनिवार है, और वाराणसी पंचांग के अनुसार सावन (श्रावण) मास की कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि रात्रि 11:07 बजे तक रहेगी। तृतीया तिथि के लिए स्वयं में कोई विशेष नामित व्रत परंपरा में नहीं बताया गया, इसलिए आज का मुख्य केंद्र शनिवार की परंपरागत उपासना है।
शनिवार का महत्व
परंपरा में शनिवार का दिन शनि देव और हनुमान जी दोनों की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि हनुमान जी की भक्ति से शनि की पीड़ा शांत होती है, इसीलिए शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ बहुत श्रद्धा से किया जाता है।
परंपरागत पूजा विधि
- प्रातः स्नान के बाद शनि देव व हनुमान जी के समक्ष दीपक जलाएं।
- हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
- शनि देव को परंपरा में तिल का तेल व काले तिल अर्पित करने की मान्यता है।
- यथाशक्ति ज़रूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या तेल का दान करें — यह परंपरा में पुण्यदायी माना गया है।
क्या अपनाएं
- आज सादा, सात्विक भोजन लें — सावन मास में यह वैसे भी परंपरा में सुझाया जाता है।
- बड़ों और ज़रूरतमंदों की यथासंभव सेवा करें।
क्या टालें
- परंपरा में आज नया लोहे का सामान या तेल खरीदने से बचने की मान्यता है।
- क्रोध व वाद-विवाद से आज विशेष रूप से बचना चाहिए, ऐसा शास्त्रों में कहा गया है।
ध्यान रहे — यह सामान्य परंपरागत जानकारी है, विस्तृत विधि व मुहूर्त के लिए अपने मंदिर के पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श करें। आज के पूर्ण पंचांग के लिए हमारा आज का पंचांग लेख देखें, और नियमित सूचनाओं के लिए रजिस्ट्रेशन करें। पूजन सामग्री हेतु हमारे स्टोर पर भी जा सकते हैं, तथा मंदिर में दर्शन का लाभ अवश्य उठाएं।