आज के व्रत-नियम

आज के व्रत-नियम — 28 जुलाई 2026, मंगलवार: हनुमान एवं मंगला गौरी व्रत

कैलाश नाथ द्विवेदी ·

[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]

आज मंगलवार है, और आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि है। परंपरा में मंगलवार का दिन हनुमान जी की आराधना और विवाहित स्त्रियों के लिए मंगला गौरी व्रत के लिए विशेष माना जाता है।

हनुमान जी का व्रत

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा से बल, साहस और संकटों से रक्षा की कामना की जाती है, ऐसा परंपरा में माना जाता है।

  • प्रातः स्नान कर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
  • सिंदूर, चोला और लाल फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
  • हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
  • गुड़-चना या बूंदी का भोग लगाएं।

क्या करें, क्या न करें

परंपरा में इस दिन मांस-मदिरा से दूर रहने और सात्विक भोजन अपनाने की सलाह दी जाती है। क्रोध और वाद-विवाद से बचने का भी सुझाव दिया जाता है, क्योंकि यह दिन शक्ति और संयम दोनों से जुड़ा माना जाता है।

मंगला गौरी व्रत

श्रावण मास से पहले पड़ने वाले मंगलवार को विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए मंगला गौरी व्रत रखती हैं, ऐसी परंपरा है। इसमें मां पार्वती का पूजन, सोलह श्रृंगार का भोग और कथा-श्रवण किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से श्रावण मास में अगले मंगलवारों को भी दोहराया जाता है।

आज की तिथि: आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी

आज कोई विशेष एकादशी, प्रदोष या पूर्णिमा जैसा प्रमुख व्रत नहीं है, परंतु कल यानी 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा है। जो लोग गुरु पूर्णिमा का व्रत या पूजा करना चाहते हैं, वे आज से घर की सफाई और पूजा-सामग्री की तैयारी शुरू कर सकते हैं।

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याद रखें — व्रत के पीछे की मूल भावना श्रद्धा और संयम है, कर्मकांड की कठोरता नहीं।

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