आज का पंचांग — 31 जुलाई 2026 (वाराणसी)
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
वाराणसी के लिए आज, 31 जुलाई 2026, शुक्रवार का पंचांग इस प्रकार है — सूर्योदय-सूर्यास्त और तिथि-नक्षत्र की गणना वाराणसी के भौगोलिक निर्देशांक (25.32° उत्तर, 82.97° पूर्व) के अनुसार की गई है।
आज का पंचांग — मुख्य विवरण
- दिनांक: 31 जुलाई 2026, शुक्रवार
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी नाम संवत्सर)
- मास (पूर्णिमांत): श्रावण, कृष्ण पक्ष
- सूर्योदय: प्रातः 05:24 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:44 बजे
तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि: द्वितीया (कृष्ण पक्ष) — रात्रि लगभग 10:31 बजे तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ
- नक्षत्र: धनिष्ठा — सायं लगभग 07:26 बजे तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ
- योग: सौभाग्य योग
- करण: तैतिल (प्रातः लगभग 10:04 बजे तक), उसके बाद गर करण
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- वार: शुक्रवार (देवी/लक्ष्मी उपासना का दिन)
दिन का सामान्य महत्व
शास्त्र कहते हैं कि श्रावण मास सनातन परंपरा में शिव-आराधना और चातुर्मास्य व्रत-अनुशासन का पावन समय माना जाता है। आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है — कोई विशेष व्रत इस तिथि से सीधे नहीं जुड़ा, परंतु शुक्रवार होने से देवी-लक्ष्मी की उपासना का पारंपरिक महत्व बना रहता है।
पंचांग कैसे बनता है
पंचांग यानी पांच अंगों का हिसाब — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यह गणना सूर्य और चंद्रमा की आकाश में स्थिति पर आधारित होती है, इसलिए हर स्थान के सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार समय में थोड़ा अंतर आ सकता है। यही कारण है कि वाराणसी का पंचांग दिल्ली या मुंबई के पंचांग से समय में थोड़ा भिन्न हो सकता है, हालांकि तिथि-नक्षत्र सामान्यतः वही रहते हैं।
नोट: उपरोक्त समय गणना खगोलीय पद्धति (मोशियर एफेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश) से निकाले गए हैं और द्वितीय स्रोत से मिलान किए गए हैं, फिर भी प्रकाशन-पूर्व स्थानीय पंचांगकार से पुष्टि आवश्यक है।
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