आज का पंचांग — 25 जुलाई 2026 (वाराणसी)
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आइए जानते हैं काशी (वाराणसी) के लिए आज, 25 जुलाई 2026, शनिवार का पंचांग। पंचांग यानी पाँच अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — का हिसाब, जो किसी भी शुभ कार्य से पहले देखा जाता है।
आज का पंचांग विवरण
- विक्रम संवत: 2083
- मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: एकादशी — प्रातः से लगभग 11:35 बजे तक, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ (आज देवशयनी एकादशी है)
- वार: शनिवार
- नक्षत्र: ज्येष्ठा — अगले दिन (26 जुलाई) प्रातः लगभग 7:35 बजे तक
- योग: ब्रह्म योग
- करण: विष्टि (भद्रा) — लगभग 11:35 बजे तक, इसके बाद बव करण आरंभ
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:22 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 6:48 बजे
आज का विशेष महत्व
आज आषाढ़ शुक्ल एकादशी होने से यह देवशयनी एकादशी मानी जाती है — परंपरा के अनुसार इसी दिन से चातुर्मास आरंभ होता है, जिसे साधना, संयम और आत्म-चिंतन का काल माना जाता है। साथ ही आज शनिवार भी है, जो परंपरा में शनि देव तथा हनुमान जी की आराधना का दिन माना जाता है।
तिथि और नक्षत्र के अनुसार आज के व्रत-नियमों की विस्तृत जानकारी हमारे "आज के व्रत-नियम" लेख में उपलब्ध है।
पंचांग क्यों देखा जाता है
पंचांग हमें बताता है कि किसी विशेष दिन का ग्रह-नक्षत्रीय स्वरूप कैसा है, ताकि पूजा-पाठ, यात्रा या किसी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त समय का ध्यान रखा जा सके। यह परंपरा सदियों से भारतीय समाज में चली आ रही है और आज भी घर-घर में इसका पालन किया जाता है। वाराणसी जैसे धार्मिक नगर में तो पंचांग का महत्व और भी विशेष माना जाता है, क्योंकि यहाँ की परंपरा में तिथि-नक्षत्र देखकर ही अधिकांश धार्मिक कार्य किए जाते हैं।
तिथि, नक्षत्र व मुहूर्त का समय स्थान और गणना-पद्धति के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंडित या प्रामाणिक पंचांग से समय अवश्य सुनिश्चित करें।
प्रतिदिन का पंचांग पढ़ने के लिए अन्य लेख देखें और मंदिर के दर्शन-समय की जानकारी लें। नियमित अपडेट के लिए रजिस्ट्रेशन करें।