आज का पंचांग — 27 जुलाई 2026 (वाराणसी)
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आज सोमवार, 27 जुलाई 2026 है। वाराणसी (काशी) के लिए आज का पंचांग इस प्रकार है — घर बैठे पूजा-पाठ और दिनचर्या तय करने में यह जानकारी सहायक होगी। पंचांग हमें तिथि, नक्षत्र, योग और करण जैसी वे पारंपरिक गणनाएं बताता है, जिनके आधार पर दैनिक पूजा और शुभ कार्यों की योजना बनाई जाती है।
आज का पंचांग — मुख्य बिंदु
- वार: सोमवार
- सूर्योदय: प्रातः 05:22 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:46 बजे
- तिथि: त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष), सायं लगभग 04:15 बजे तक — इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
- नक्षत्र: मूल, प्रातः लगभग 10:28 बजे तक — इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ
- योग: वैधृति, रात्रि लगभग 10:54 बजे तक
- करण: तैतिल, सायं लगभग 04:15 बजे तक
- विक्रम संवत: 2083
- ऋतु: वर्षा ऋतु
दिन का महत्व
सोमवार का दिन परंपरा में भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। आज त्रयोदशी तिथि होने से यह दिन शिव-पूजा की दृष्टि से और भी शुभ माना जाता है। तिथि के अनुसार कोई विशेष व्रत हो तो उसकी पुष्टि आज के व्रत-नियम लेख में देखें।
पूजा-पाठ के लिए सुझाव
सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना परंपरा में शुभ माना जाता है। मूल नक्षत्र में नए कार्यों की शुरुआत से पहले सामान्यतः पंचांग या पुरोहित से मुहूर्त पूछने की सलाह दी जाती है। सूर्योदय से लेकर तिथि परिवर्तन तक का यह समय दिन की पूजा-अर्चना के लिए विशेष महत्व रखता है।
पंचांग का महत्व क्यों
हमारे पूर्वजों ने सूर्य और चंद्रमा की गति के आधार पर समय की गणना कर पंचांग की परंपरा बनाई, ताकि हर दिन के शुभ-अशुभ समय की जानकारी सहजता से मिल सके। आज भी अधिकांश पूजा, व्रत और मांगलिक कार्य इसी पंचांग के आधार पर तय किए जाते हैं।
यह पंचांग खगोलीय गणना पर आधारित है, कृपया प्रकाशन से पूर्व स्थानीय पंचांग से मिलान अवश्य करें। मंदिर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए मंदिर पृष्ठ देखें और आगामी कार्यक्रम देखें।