बच्चों के लिए कहानियाँ

बच्चों की कहानी: गणेश जी का गिरना और चंद्रमा की हँसी — जब मज़ाक भारी पड़ जाता है

आनंद दुबे ·

क्लास का व्हाट्सएप ग्रुप अचानक नोटिफिकेशन से भर गया। वजह थी एक वीडियो — रोहन क्रिकेट खेलते हुए गेंद के पीछे भागा और बीच मैदान में मुँह के बल गिर पड़ा। किसी ने वह पल कैमरे में कैद कर लिया, और देखते ही देखते पूरी क्लास हँस-हँसकर उसे शेयर करने लगी। रोहन को इतनी शर्म आई कि उसने अगले दिन स्कूल जाने से मना कर दिया। उसकी दादी ने यह देखा और उसे एक पुरानी कथा सुनाई।

पुराणों की कथा

ब्रह्मवैवर्त पुराण में कथा आती है कि एक बार गणेश जी अपनी सवारी मूषक (चूहे) पर चढ़कर जा रहे थे। रास्ते में मूषक के पैर के नीचे एक साँप आ गया, मूषक डर के मारे उछला और गणेश जी अपने बड़े पेट के साथ ज़मीन पर गिर पड़े। उनका पेट फट गया और उसमें से खाए हुए लड्डू बाहर गिर गए। गणेश जी ने शांति से लड्डू उठाकर वापस पेट में रखे और साँप को ही पेट पर बाँध लिया।

यह सब आकाश से चंद्रमा देख रहे थे। चंद्रमा को अपने रूप और सुंदरता का बड़ा घमंड था। उन्होंने गणेश जी का यह गिरना देखकर ज़ोर से ठहाका लगाया और मज़ाक उड़ाया।

गणेश जी का जवाब

गणेश जी को यह उपहास बहुत बुरा लगा। उन्होंने चंद्रमा से कहा कि जिस घमंड के कारण तुमने दूसरे के गिरने पर हँसी उड़ाई, वही घमंड अब तुम्हारा रूप छीन लेगा — आज के बाद जो भी तुम्हें देखेगा, दोष का भागी बनेगा। यही कारण है कि परंपरा में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) की रात चंद्रमा को न देखने की सलाह दी जाती है।

बाद में चंद्रमा को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने गणेश जी से क्षमा माँगी और घोर तपस्या की। गणेश जी ने प्रसन्न होकर श्राप को थोड़ा हल्का किया — पूरी तरह रूप जाने की जगह, हर महीने घटना-बढ़ना उनकी नियति बन गई, ताकि उनका अभिमान सदा याद रहे।

आज की क्लास में सीख

रोहन की दादी ने कहानी खत्म करते हुए कहा — जो लोग वीडियो पर हँस रहे हैं, वे चंद्रमा जैसी गलती कर रहे हैं। किसी के गिरने या गलती करने पर हँसना आसान लगता है, पर उस पल में सामने वाले को कैसा लगता है, यह सोचना ज़्यादा ज़रूरी है। रोहन को हिम्मत मिली और उसने अगले दिन स्कूल जाकर हँसकर कहा — "हाँ भाई, गिरा था, अगली बार कैच भी पक्का लूँगा!" उसकी बात सुनकर हँसी मज़ाक अपने आप शांत हो गया।

सीख: किसी की गलती या असफलता पर हँसने से पहले खुद को उसकी जगह रखकर देखें।

ऐसी ही और प्रेरक कथाओं के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ें और परिवार के साथ मंदिर दर्शन का कार्यक्रम बनाएं।

इस श्रेणी में और लेख

बच्चों की कहानी: नचिकेता की जिज्ञासा — शॉर्टकट नहीं, असली समझ चुनने वाला छात्र → बच्चों की कहानी: भगीरथ की गंगा-तपस्या — बार-बार हारने पर भी न रुकने वाली खिलाड़ी → बच्चों की कहानी: ध्रुव जैसा हौसला — जब टीम से नाम कट गया →
💬