बच्चों की कहानी: कुबेर का घमंड और गणेश जी की भूख — जब दिखावा असली अपनापन नहीं खरीद पाता
रोहन की क्लास में एक लड़का था — कबीर। उसके पापा का बड़ा बिज़नेस था, और कबीर हर छोटी बात इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता — नया फोन, महंगे जूते, विदेश की ट्रिप। उसके जन्मदिन पर इस बार उसने पूरी क्लास को एक पाँच-सितारा होटल में बुलाया, बस दिखाने के लिए कि उसका जन्मदिन कितना बड़ा है। रोहन को भी बुलाया गया, सिर्फ इसलिए कि सब देखें कि कबीर "सादे बच्चों" को भी बुला सकता है।
पुराणों की एक पुरानी कथा
यह कहानी हमें पुराणों में वर्णित धनकुबेर और गणेश जी की एक प्रसिद्ध कथा की याद दिलाती है। कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष थे, अपार धन-सम्पत्ति के स्वामी। एक दिन उन्हें अपने वैभव पर बहुत घमंड हो गया। वे कैलाश पहुँचे और शिव-पार्वती को बड़े ठाट से भोज का न्योता दिया, यह दिखाने के लिए कि उनके यहाँ कैसा अद्भुत भंडार लगता है।
शिव जी ने मुस्कुराते हुए कहा — "मैं तो नहीं आ सकता, पर मेरे पुत्र गणेश को भेज देता हूँ, उसकी भूख शांत कर देना।" कुबेर ने सोचा, एक बालक ही तो है, क्या खाएगा! पर भोज शुरू हुआ तो गणेश जी ने थाली-की-थाली भोजन समाप्त कर दिया, फिर पूरा भंडार-गृह खाली करवा दिया, और अंत में कुबेर से बोले — "अब मुझे भूख लगी है, कुछ और लाओ, वरना तुम्हें ही खा जाऊँगा!" कुबेर का सारा घमंड चूर-चूर हो गया, वे डरकर शिव जी की शरण में भागे।
शिव जी ने कहा — केवल सच्चे प्रेम और श्रद्धा से दिया गया भोजन ही गणेश की भूख शांत कर सकता है, चाहे वह कितना भी थोड़ा क्यों न हो। कुबेर एक गरीब भक्त के घर से मुट्ठी भर भुने चावल लेकर आए, जो उस भक्त ने बड़े प्रेम से बनाए थे। वही मुट्ठी भर चावल गणेश जी ने प्रेम से खाए और तृप्त हो गए — जो पूरा भंडार-गृह नहीं कर पाया, वह प्रेम ने कर दिखाया।
वापस रोहन की कहानी में
होटल की उस पार्टी में महंगा खाना था, चमचमाती लाइटें थीं, पर किसी ने किसी से दिल से बात नहीं की। सब बस तस्वीरें खिंचवा रहे थे। जाते वक्त रोहन ने कबीर को अपने घर की बनी एक छोटी-सी चॉकलेट बर्फी का डिब्बा दिया, जो उसकी नानी ने बनाई थी। कबीर ने पहले तो हल्के में लिया, पर घर जाकर जब उसने खाई, तो बोला, "यार, यह तो असली स्वाद है!" अगले दिन उसने रोहन को फोन करके धन्यवाद कहा — शायद पहली बार किसी गिफ्ट ने उसे सच में खुश किया था।
सीख
दिखावे से भरा बड़ा भंडार भी वह तृप्ति नहीं दे सकता, जो थोड़े से प्रेम और सच्चे मन से दी गई चीज़ देती है।
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