त्योहार

गुरु पूर्णिमा 2026: घर में पूजा की तैयारी कैसे करें (भाग 3 — तैयारी)

मनोज तिवारी ·

इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026, बुधवार को है — आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को यह पावन पर्व मनाया जाता है। अब जब पर्व नज़दीक है, तो घर में सादगीपूर्ण तैयारी शुरू करने का सही समय है।

घर की सफ़ाई और पूजा-स्थान

किसी भी पर्व की तैयारी की शुरुआत घर और पूजा-स्थान की सफ़ाई से होती है। परंपरा में माना जाता है कि स्वच्छ और शांत वातावरण में पूजा का फल कहीं अधिक अनुभव होता है। पूजा वाले स्थान को अच्छी तरह साफ़ करें, वहाँ एक छोटा आसन या चौकी तैयार रखें जहाँ गुरु या इष्टदेव का चित्र/प्रतिमा स्थापित की जा सके।

पूजा सामग्री की सूची

  • गुरु या इष्टदेव का चित्र अथवा प्रतिमा
  • दीपक, घी/तेल और बाती
  • अगरबत्ती या धूप
  • ताज़े फूल और माला
  • रोली, चंदन, अक्षत (साबुत चावल)
  • फल व मिष्ठान का भोग
  • आचमन के लिए स्वच्छ जल का पात्र
  • पीला या श्वेत वस्त्र, आसन बिछाने के लिए

मन की तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी

गुरु पूर्णिमा केवल बाहरी सजावट का पर्व नहीं है। शास्त्र कहते हैं कि इस दिन अपने गुरुजनों — चाहे वे शिक्षक हों, माता-पिता हों या जीवन में मार्ग दिखाने वाला कोई भी अपना — उन्हें कृतज्ञता से स्मरण करना ही असली पूजा है। इन दिनों परिवार के बच्चों के साथ बैठकर यह चर्चा करना अच्छा रहता है कि किसने हमें सबसे ज़्यादा सिखाया है, और हम उनका धन्यवाद कैसे कर सकते हैं।

तैयारी में ये छोटी बातें भी शामिल करें

  • घर के बड़े-बुज़ुर्गों और शिक्षकों को फ़ोन या मिलकर धन्यवाद कहने की योजना बनाएं।
  • पूजा के दिन परिवार साथ बैठकर कथा सुनने का समय निकालें।
  • यदि मंदिर जाकर दर्शन की योजना है, तो पहले से समय तय कर लें ताकि भीड़ में असुविधा न हो।

अगले भाग में हम गुरु पूर्णिमा की पूजा-विधि और व्रत-नियम विस्तार से जानेंगे। तब तक मंदिर से जुड़ी जानकारी और कार्यक्रम देखते रहें। नियमित लेख पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करें।

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