आज के व्रत-नियम

आज के व्रत-नियम — 4 जुलाई 2026, शनिवार (चतुर्थी-पंचमी)

कैलाश नाथ द्विवेदी ·

[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]

आज शनिवार है, यानी शनिवार व्रत-नियम के अनुसार शनिदेव और हनुमान जी की आराधना का दिन। साथ ही आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर तक रहकर पंचमी में बदल जाएगी। आइए जानते हैं आज के दिन परंपरा में क्या करना और क्या टालना शुभ माना जाता है।

शनिवार का महत्व

शास्त्रों में शनिवार को न्याय के देवता शनिदेव तथा संकटमोचन हनुमान जी की उपासना का दिन माना गया है। परंपरा में विश्वास है कि श्रद्धापूर्वक की गई सेवा और दान से जीवन में स्थिरता और धैर्य बढ़ता है।

शनिवार को क्या करें

  • प्रातः स्नान के बाद हनुमान चालीसा अथवा सुंदरकांड का पाठ करें।
  • पीपल वृक्ष पर सायंकाल सरसों के तेल का दीपक जलाएं (परंपरा में शुभ माना गया है)।
  • शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल और नीले फूल अर्पित करें।
  • यथाशक्ति काले वस्त्र, तिल, लोहा या उड़द जैसी वस्तुओं का दान करें।
  • जरूरतमंदों और पशु-पक्षियों को भोजन कराना परंपरा में पुण्यकारी माना गया है।

शनिवार को क्या टालें

  • नए बड़े निर्णय या यात्रा में जल्दबाजी से बचने की सलाह परंपरा में दी जाती है।
  • मांस-मदिरा तथा तामसिक भोजन से दूर रहें।
  • क्रोध और वाद-विवाद से बचकर संयम रखने का प्रयास करें।

आज की तिथि: चतुर्थी से पंचमी

आज दोपहर लगभग 12:40 बजे तक चतुर्थी तिथि रहेगी, उसके बाद पंचमी तिथि प्रारम्भ होगी। ध्यान रहे कि आषाढ़ माह की गणेश-संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रोदय की तिथि के अनुसार बीते दिन (3 जुलाई) सायंकाल ही पड़ चुका है, अतः जिन्होंने वह व्रत रखा हो उनका पारण सामान्य रीति से हो चुका होगा। आज पंचमी तिथि में सामान्य पूजा-अर्चना और सात्विक आचार बनाए रखना पर्याप्त है।

पंचमी तिथि में परंपरा अनुसार सात्विक भोजन ग्रहण करना तथा घर में स्वच्छता व शांति बनाए रखना शुभ माना जाता है।

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