आज का पंचांग — 21 जुलाई 2026 (वाराणसी)
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
आज 21 जुलाई 2026, मंगलवार है। यहाँ वाराणसी (काशी) के अक्षांश-देशांतर के अनुसार आज का पंचांग दिया जा रहा है।
पंचांग का सार
- विक्रम संवत: 2083
- माह (पूर्णिमांत): आषाढ़, शुक्ल पक्ष
- वार: मंगलवार
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:19 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 6:49 बजे
तिथि
आज शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि है, जो 21 जुलाई प्रातः लगभग 4:03 बजे से आरंभ होकर 22 जुलाई प्रातः लगभग 5:16 बजे तक रहेगी।
नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र — यह 20 जुलाई सायं लगभग 7:09 बजे से आरंभ होकर आज, 21 जुलाई, रात्रि लगभग 8:49 बजे तक रहेगा।
योग
सिद्ध योग — 20 जुलाई सायं लगभग 6:36 बजे से आज सायं लगभग 6:25 बजे तक।
करण
दिन के पूर्वार्ध में विष्टि (भद्रा) करण रहेगा, जो अपराह्न लगभग 4:36 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात बव करण आरंभ होगा।
आज के दिन की सामान्य जानकारी
पारंपरिक मान्यता में भद्रा काल को शुभ कार्यों के आरंभ के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता; भद्रा समाप्ति के पश्चात के समय को सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। किसी भी महत्वपूर्ण मुहूर्त, पूजा-विधि या यात्रा से पूर्व स्थानीय पंडित या पुरोहित से परामर्श अवश्य करें।
पंचांग की ये पाँच बातें — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — मिलकर हमें बताती हैं कि दिन किस तरह का है और कौन-सा समय किस कार्य के लिए अनुकूल माना जाता है। काशी जैसे तीर्थ नगर में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है कि दिन की शुरुआत पंचांग देखकर ही की जाए, ताकि पूजा-पाठ, यात्रा और मांगलिक कार्यों में उचित समय का ध्यान रखा जा सके। आज आषाढ़ माह की अष्टमी तिथि होने से यह दिन मासिक दुर्गाष्टमी व्रत से भी जुड़ा है, जिसकी विस्तृत जानकारी आज के व्रत-नियम लेख में दी गई है।
हमारे पाँचों मंदिरों में आज की तिथि से जुड़े दर्शन व पूजा-अर्चना के समय की जानकारी के लिए मंदिर पृष्ठ देखें। आगामी कार्यक्रमों की जानकारी के लिए कार्यक्रम पृष्ठ देखें, और प्रतिदिन का पंचांग सीधे पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करें।