आज का पंचांग — 20 जुलाई 2026 (वाराणसी)
[समीक्षक हेतु: प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक पंचांग से तिथि-नक्षत्र अवश्य मिलान करें]
वाराणसी के लिए आज का पंचांग — 20 जुलाई 2026, सोमवार। यह जानकारी वाराणसी के भौगोलिक निर्देशांक (25.3176° उत्तर, 82.9739° पूर्व) के अनुसार गणना कर तैयार की गई है।
आज का पंचांग एक नज़र में
- विक्रम संवत: 2083
- सूर्योदय: प्रातः 05:19 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:50 बजे
- मास (पूर्णिमांत): आषाढ़, शुक्ल पक्ष
- तिथि: सप्तमी — 21 जुलाई की प्रातः लगभग 04:03 बजे तक, इसके पश्चात अष्टमी आरंभ
- नक्षत्र: हस्त — आज सायं लगभग 07:10 बजे तक, इसके पश्चात चित्रा आरंभ
- योग: शिव — आज सायं लगभग 06:37 बजे तक
- करण: गर (दिन में), पश्चात वणिज
- वार: सोमवार (शिव-आराधना का दिन)
दिन का महत्व
सोमवार का दिन परंपरागत रूप से भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है। शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि होने से यह दिन सामान्य शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है, फिर भी किसी भी विशेष मुहूर्त हेतु स्थानीय पंडित या पुरोहित से परामर्श अवश्य लें।
ध्यान रखें
तिथि और नक्षत्र सूर्योदय के समय के अनुसार दर्शाए गए हैं और स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। किसी भी पूजा, व्रत या मुहूर्त-कार्य से पहले कृपया किसी प्रामाणिक स्थानीय पंचांग या पुरोहित जी से समय की पुष्टि कर लें।
पंचांग का उपयोग क्यों करें
हमारी परंपरा में पंचांग को दिन की दिशा तय करने वाला माना जाता है — किस समय पूजा करें, कब यात्रा शुभ रहेगी, या कौन-सा तिथि-नक्षत्र किस देवता की आराधना के लिए उपयुक्त है। भले ही आज ऑनलाइन कैलेंडर सहज उपलब्ध हों, पर पंचांग की परंपरा सदियों से घर-घर में दिन की शुरुआत का हिस्सा रही है। सुबह पंचांग देखकर दिन की योजना बनाना कई परिवारों में आज भी प्रचलित है।
आज के नक्षत्र और योग का सामान्य महत्व
हस्त नक्षत्र को परंपरा में कार्यसिद्धि और नई शुरुआत के लिए अनुकूल माना गया है, जबकि शिव योग को शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। यह सामान्य पारंपरिक जानकारी है — किसी विशेष कार्य, यात्रा या मुहूर्त हेतु सदैव अपने पुरोहित या प्रामाणिक ज्योतिषी से परामर्श लें, यह लेख भविष्यवाणी नहीं बल्कि पारंपरिक जानकारी मात्र प्रस्तुत करता है।
आज के व्रत-नियम की विस्तृत जानकारी हमारे अगले लेख में पढ़ें। नियमित पंचांग सीधे पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करें, और आसपास के मंदिर के दर्शन कार्यक्रम जानने के लिए कार्यक्रम पृष्ठ देखें।