ज्योतिष

ज्योतिष: नवग्रह क्या हैं और भारतीय परंपरा में इनका क्या महत्व माना जाता है

कैलाश नाथ द्विवेदी ·

मंदिर परिसर में अक्सर नवग्रह की छोटी वेदी दिखाई देती है, जहां नौ अलग-अलग मूर्तियां एक साथ स्थापित होती हैं। बहुत से लोग वहां दीपक जलाते हैं, पर कम ही लोग जानते हैं कि यह नौ ग्रह वास्तव में क्या दर्शाते हैं। यह लेख विशुद्ध रूप से सामान्य ज्ञान और परंपरा की जानकारी के लिए है।

नवग्रह — नौ ग्रहों का परिचय

भारतीय ज्योतिष परंपरा में नौ ग्रहों की गणना की जाती है: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु। इनमें से सूर्य और चंद्र आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से ग्रह नहीं हैं, और राहु-केतु कोई भौतिक पिंड नहीं बल्कि चंद्रमा की कक्षा के दो काल्पनिक बिंदु हैं। परंपरा में इन्हें "ग्रह" की श्रेणी में रखा गया है, इस शब्द का प्रयोग यहां खगोलीय पिंड के अर्थ में नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक-दार्शनिक अवधारणा के रूप में समझा जाना चाहिए।

परंपरा में माना गया महत्व

परंपरा में माना जाता है कि यह नौ ग्रह मनुष्य के जीवन, स्वभाव और समय-चक्र से किसी न किसी रूप में जुड़े हैं। प्राचीन काल में समय की गणना, ऋतु-परिवर्तन और पंचांग निर्धारण में इन्हीं खगोलीय पिंडों की गति का अध्ययन किया जाता था। इसी अध्ययन से भारतीय ज्योतिष शास्त्र का विकास हुआ, जो आगे चलकर गणित और खगोल विज्ञान की एक समृद्ध परंपरा में बदल गया।

ज्योतिष शास्त्र का ऐतिहासिक संदर्भ

वेदों में "ज्योतिष" को छह वेदांगों में से एक माना गया है, जिसका मूल उद्देश्य यज्ञ और अनुष्ठानों के लिए सही समय (मुहूर्त) जानना था। समय के साथ इसमें ग्रह-नक्षत्रों की गणना, जन्म-कुंडली और फलादेश जैसे विषय भी जुड़ते गए। आज भी पंचांग बनाने की परंपरा इसी प्राचीन खगोल-गणना पद्धति पर आधारित है।

नवग्रह पूजा की परंपरा

मंदिरों में नवग्रह वेदी की स्थापना और नियमित पूजा-अर्चना की परंपरा सदियों पुरानी है। परंपरा में माना जाता है कि नवग्रह पूजा से मन में शांति और संतुलन का भाव आता है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह विषय पूरी तरह सांस्कृतिक और पारंपरिक मान्यता पर आधारित है — इसे किसी व्यक्ति विशेष के भविष्य या भाग्य की निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ज्योतिष एक विस्तृत और प्राचीन शास्त्र है, जिसे समझने के लिए धैर्य और सही मार्गदर्शन दोनों की आवश्यकता होती है। इस विषय पर सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए हमारे अन्य लेख पढ़ते रहें। नवग्रह दर्शन और पूजन की जानकारी के लिए अपने नज़दीकी मंदिर में संपर्क करें, और पूजन सामग्री के लिए हमारा स्टोर देखें।

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